उत्तर प्रदेश में बेराेजगारों के लिए खुशखबरी, लखनऊ के अलावा इन चार जिलों में लगेगा रोजगार मेला …
उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी है। लखनऊ के साथ कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में रोजगार मेला लगेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन मेलों के माध्यम से प्रदेश में बेरोजगारी की दर को कम किया जाए और युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाए। यह बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि इस मेले में 9000 से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया होगी। चयनित युवाओं को 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन के साथ ड्रेस, भोजन, पीएफ और मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें से करीब 500 पदों पर रोजगार लखनऊ में ही मिलेगा। जबकि गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, फरीदाबाद के साथ हरियाणा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात समेत कई राज्यों में भी अवसर उपलब्ध होंगे।

जल्द ही लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेला का आयोजन होगा। जिसमें 100 से अधिक कंपनियां 9 हजार से अधिक रोजगार के मौके उपलब्ध कराएंगी। पूर्व में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में लगभग सौ कंपनियों ने 50 हजार से अधिक नौकरी युवाओं को दी थीं।
कंपनियों में इस तरह निर्धारित हैं पद
डिजिटल पब्लिक सेवा लखनऊ में 27, इंदू ऑटो कंपोनेंंट गुजरात में 50, जय भारत मारुति गुजरात में 100, वी-गी ऑटो कंपोनेंट गुजरात में 50, डीलक्स बरिंग गुजरात में 50, फेडरेल लाइफ इंश्योरेंस लखनऊ में 100, अशोक ग्रुप उत्तराखंड में 200, यज्ञाकी इंडिया ग्रुप उत्तराखंड में 200, जेबीएम ग्रुप फरीदाबाद में 140, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड बाराबंकी में 40, क्रेटिव हाइटेक प्राइवेट लिमिटेड हरियाणा में 50, मसु ब्रेक प्राइवेट लिमिटेड में 40, हिंदवेयर हरियाणा में 20, मनेश्वर स्टील इंडिया में 30, बाउचर हाइड्रोलिक प्राइवेट लिमिटेड में 30, लखनऊ ईवी वर्ल्ड में दो, टाटा इलेक्ट्रोनिक्स तमिलनाडु में 80, टाटा मोटर्स लखनऊ में 100 पद हैं।
इसके अलावा प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास व गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए 1,747 सक्रिय प्रशिक्षण सहयोगियों का चयन किया गया है। इनके माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनक्यूबेशन सेंटर से उन्हें डिजिटल मार्केटिंग, ईवी निर्माण और एआई के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इंजीनियरिंग कालेज में बनाए गए स्टार्टअप इंक्यूबेटर्स युवा उद्यमिता को बढ़ावा मिला है। ये पहल ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महिलाओं, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति के समुदायों के लिए आरक्षण सुनिश्चित कर रही हैं।प्रत्येक जिले में मासिक सेवायोजन अभियान भी चलाया जाता है, जो युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ता है।